चौबीसी के एक गांव में आज भी जीवित है आठ सौ साल पुरानी परंपरा? वायदे को निभा रहे हैं ’मिरासी’ और ’मंदेरणा’! दीवाली के दिन गाई जाती है कुल गाथा? एक ही परिवार पीढ़ी दर पीढ़ी गा रहा है ये गाथा? किसी भी मीडिया में पहली बार पढ़िए, रोमांचित करने वाली ये स्टोरी
गांव को बचाने के सम्मान में खूबा मंदेरणा को मिले थे तालाब और मिरासी तभी से मंदेरणा की गाथा गा रहा है मिरासी मंदेरणा परिवार भी हर वर्ष निभाता है…
