Home ब्रेकिंग न्यूज़ महम व कलानौर को कब तक है टीबी मुक्त करने का लक्ष्य?-जानिए

महम व कलानौर को कब तक है टीबी मुक्त करने का लक्ष्य?-जानिए

2022 तक कलानौर व महम को किया जाएगा टीबी मुक्त

– लक्षण नजर आने पर करवाए जांच

– मुफ्त दवा उपलब्ध करवा रही है सरकार-

सूचना देने वाले को दी जाती है प्रोत्साहन राशि

रोहतक

उपायुक्त कैप्टन मनोज कुमार ने जिला में टीबी के मरीजों की पहचान करने के लिए एक्टिव केस फाईंडिंग कार्यक्रम को गति देने के निर्देश दिए। उपायुक्त आज कैंप कार्यालय में जिला टीबी फोरम की बैठक को संबोधित कर रहे थे।

  उपायुक्त कैप्टन मनोज कुमार ने कहा कि समय-समय पर एक्टिव केस फाइंडिंग अभियान चलाकर टीबी के मरीजों की पहचान की जाए ताकि उनका समय पर उपचार आरंभ हो सके। उन्होंने कहा कि स्लम एरिया, हाई रिस्क एरिया और पहले से टीबी प्रभावित क्षेत्रों में टीबी के संदिग्ध मरीजों की भी जांच की जाए। कैप्टन मनोज कुमार ने कहा कि जिला रोहतक में कलानौर व महम ब्लॉक को वर्ष 2022 तक टीबी मुक्त एरिया घोषित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

ये हैं लक्षण

कैप्टन मनोज कुमार ने कहा कि अगर किसी व्यक्ति को 2 सप्ताह से ज्यादा खांसी, रात के समय में बुखार आना, बलगम में खून आना, वजन का कम होना तथा रात को सोते समय पसीना आने आदि के लक्षण दिखाई दें तो उसे तुरंत नजदीकी जांच केंद्र (डीएमसी) में अपनी जांच करवानी चाहिए। उन्होंने कहा कि टीबी पाए जाने पर मरीज को सरकार द्वारा मुफ्त दवाइयां उपलब्ध करवाई जाती हैं। इसके साथ-साथ मरीज की सभी जानकारी निक्षय पोर्टल पर अपलोड करवाई जाती। 

मरीज को दी जाती है प्रोत्साहन राशि

   उपायुक्त कैप्टन मनोज कुमार ने बताया कि अधिसूचित मरीज का जब तक उपचार चलता है तब तक उसे सरकार की निक्षय पोषण योजना के तहत प्रतिमाह 500 रुपये की वित्तीय प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है। यह राशि सीधे मरीज के बैंक खाते में जाती है।

सूचना देने वाले को प्रोत्साहन

इसके अलावा सूचना देने वाले व्यक्ति को भी 500 रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाती है। प्रोत्साहित करने वाले को भी इनाम उन्होंने बताया कि अगर कोई व्यक्ति किसी दूसरे व्यक्ति को टीबी के लक्षण के मद्देनजर उसे जांच के लिए प्रोत्साहित करता है और जांच में टीबी की पुष्टि होती है तो सूचना देने वाले व्यक्ति को 500 रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है। 

टोल फ्री न. से ले सहायता

कैप्टन मनोज कुमार ने बताया कि वर्ष 2019 में जिला में 4876 मरीजों की पहचान की गई, जबकि वर्ष 2020 में अभी तक 4467 मरीजों की पहचान की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि कोई भी व्यक्ति टोल फ्री नंबर 180011 6666 पर डायल करके टीबी के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकता है।

बैठक में उपसिविल सर्जन (टीबी) डॉ. कुमारी इन्दु, चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुशीला, डीडीपीओ नरेंद्र धनखड़, डीईओ डॉ. विजय लक्ष्मी व कार्यक्रम अधिकारी बिमलेश कुमारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

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