चंडीगढ़, 13 जनवरी : हरियाणा प्रदेश कांग्रेस के कानून विभाग के प्रदेश उपाध्यक्ष एडवोकेट साहिल दहिया ने कहा है कि भाजपा सरकार बेहद चालाकी से गरीब, मजदूर, दलित, पिछड़े और किसानों को निशाना बना रही है। मनरेगा योजना के नाम के साथ-साथ स्वरूप को भी बदलकर भाजपा ने इस योजना की आत्मा को मार दिया है। यह सिर्फ एक नाम का बदलना नहीं है, बल्कि, गरीबों के अधिकार पर एक सुनियोजित हमला है। भाजपा ने ग्रामीण गरीबों के रोजगार की मूल कानूनी गारंटी को कमजोर कर दिया है। मनरेगा में लगभग सौ प्रतिशत केंद्र सरकार की फंडिंग थी। वीबी-जी राम जी योजना में केंद्र की फंडिंग 60 प्रतिशत कर दी गई है। 40 प्रतिशत फंडिंग राज्य सरकारों की होगी। साफ है कि कभी केंद्र से फंड ना मिलने और कभी राज्य से फंड ना मिलने के नाम पर गरीबों के रोजगार को छीना जाता रहेगा।

एडवोकेट दहिया का कहना है कि भाजपा की सरकार मनरेगा को बजट को लगातार कम करती आ रही थी। दिखावे के लिए तो नई योजना में एक साल में रोजगार के गारंटी सौ दिनों से बढ़ाकर 125 की गई है। लेकिन हकीकत एकदम अलग है। बीते पांच वर्षों में प्रति परिवार रोजगार दिवस लगभग 50 ही रहे हैं। नई योजना में ग्रामीण स्वायत्ता को भी कमजोर कर दिया गया है। योजना लगभग नौकरशाही के हाथों में चली गई है।

उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार महात्मा गांधी के सिद्धांतों और बाबा साहेब अंबेडकर के संविधान को लगातार निशाना बना रही है। यह गरीबों का हक छीनकर कॉरपोरेट्स को फायदा पहुंचाने की एक गहरी साजिश है। वास्तव में यह एक ऐसी साजिश है जिससे पांच प्रतिशत दबंग और धनवान मिलकर देश के 95 प्रतिशत आम आदमी को अपना दास बना सकें। धीरे-धीरे आम आदमी कॉरपोरट्स का मोहताज होकर पेट की भूख मिटाने के लिए इनकी और हाथ फैलाने लगे। कांग्रेस पार्टी भाजपा की इस साजिश को कतई कामयाब नहीं होने देगी। गांव, गली, देहात तक भाजपा के इस साजिश के विरोध में आंदोलन चलाया जाएगा।  

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