Home ब्रेकिंग न्यूज़ चुनाव में पिछड़े प्रत्याशियों को उम्मीद के अनुसार वोट नहीं मिले तो...

चुनाव में पिछड़े प्रत्याशियों को उम्मीद के अनुसार वोट नहीं मिले तो बढ़ सकता है जीत का जादुई आंकड़ा! पालिका चुनावों को लेकर अंदाजे लगाने का दौर जारी।-24c न्यूज विशेष

दो से तीन के बीच ही दिख रहा है मुख्य मुकाबला

हालांकि ज्यादातर प्रत्याशी कर रहे हैं जीत का दावा
इंदु दहिया

महम में पालिका चुनाव के लिए मतदान हो चुका है। वोटों की गिनती बुधवार को होगी। मतदाता भी अब राजनेताओं से बहुत कुछ सीख चुका है। मतदाताओं ने भी मतदान के बाद भी पत्ते नहीं खोले हैं। अभी तक भी केवल कयास ही हैं कि कौन बनेगा प्रधान? हालांकि मुकाबला दो बीच के दिख रहा है। तीसरे प्रत्याशी की उल्टफेर की संभावना से कतई इंकार नहीं किया जा सकता।
जानकार अपने-अपने तरीके से चुनावांे के विश्लेषण में लगे हुए हैं। कोई जातीय समीकरणों की गुणा-भाग में जुटा है तो कोई वोटिंग प्रतिशत के आधार पर जमा-घटा कर रहे हैं। कुछ वार्ड के अनुसार अपने-अपने प्रत्याशियों की जीत-हार का गणित बना रहे है।
अधिकतर चुनावी विश्लेषणों के आधार पर माना जा रहा है कि 3500 मतों के आसपास पहुंचने पर प्रधान पद का ताज सज सकता है। खास बात यह है कि कम से कम तीन प्रत्याशी इस आंकड़ें को छू लेने का दावा कर रहे हैं। इनमें शामिल हैं अमरजीत कौर बहमनी, भारती पंवार और क्रांति पूनिया। अगर इनके समीकरणों को ध्यान से सुना जाए तो इनके दावे निराधार भी नहीं लगते।
अब सवाल ये है कि क्या 3500 मतों के आसपास तक का आंकड़ा जीत के लिए पर्याप्त होगा। लगाए जा रहे कयासो और समीकरणों के आधार पर तो ऐसा ही लग रहा है। लेकिन एक स्थिति ऐसी भी है, जो यदि बनी तो 3500 का आंकड़ा जीत के काफी नहीं हो पाएगा।

अमरजीत कौर

क्या है वो स्थिति, जो बन भी सकती है
अभी तक ये माना जा रहा है कि अमरजीत कौर और भारती पंवार में कांटे की टक्कर है। यदि विधायक बलराज कुंडू के वोटबैंक और चर्चा के अनुसार क्रांति पूनिया को मिल रहे पंजाबी मतों को ध्यान में रखा जाए तो क्रांति पूनिया अमरजीत कौर और भारती पंवार के साथ न केवल आकर खड़ी होती दिखती है, बल्कि तस्वीर को बदलती हुई भी दिखती है। अब अन्य प्रत्याशियों की स्थिति पर गौर करें तो पाएंगे कि मीना वाल्मीकि पूरे चुनाव प्रचार अभियान के दौरान मुख्य भूमिका में दिखाई दी। उन्हें जनसमर्थन भी खूब मिलता हुआ दिखा। एक समय मुख्य मुकाबला उन्हीं के साथ माना जा रहा था। अचानक हालात बदले। क्रांति पूनिया के उदय से उनको नुकसान होना आरंभ हुआ और अंत तक होता ही चला गया। हालांकि इसके बावजूद उनके समर्थक अभी उन्हें मुख्य मुकाबले में मान रहे हैं, लेकिन विश्लेषणों में यह चर्चा कम हैं।
अब सवाल ये है कि मीना वोट कितने लेती है। यदि मीना को अपेक्षा से अधिक नुकसान हुआ है तो उसकी मत संख्या अपेक्षा से कम भी होगी ही।

भारती पंवार

आम आदमी पार्टी की स्थिति
आम आदमी पार्टी ने जोर-शोर से चुनाव अभियान चलाया था। पार्टी के प्रदेश प्रभारी सुशील गुप्ता, वरिष्ठ नेता डा. अशोक तंवर सहित कई जाने-माने नाम प्रचार अभियान में आए। इसके बावजूद ऐसा लगा कि महम में आम आदमी पार्टी बसपा स्टाइल में चुनाव लड़ रही है। अन्य समुदायों को अपने साथ जोड़ने में ज्यादा कामयाब नहीं हो पाई। आम आदमी पार्टी समर्थक खासकर सोशल मीडिया पर प्रचार के जिस तरीके को अपना उससे साफ लग रहा था कि वे एक जाति विशेष को ही टारगेट कर रहे हैं।
हालांकि इसके बावजूद आम आदमी पार्टी का अप्रत्याशित परिणाम का दावा है। लेकिन शहर में उनके जीत के आंकड़े को छू लेने की चर्चा नहीं है। अब सवाल यह है कि आम आदमी पार्टी की प्रत्याशी रविना रानी भी यदि अपेक्षा से भी कम वोट लेती है तो समीकरण कैसे प्रभावित होंगे?

क्रांति

अन्य प्रत्याशियों की स्थिति
शेष प्रत्याशियों में कांग्रेस की आशा चावरिया भी कोई करिश्मा करती हुई नहीं दिख रही। अब सवाल केवल ये है कि आशा वोट कितने ले रही है। यदि उन्होंने भी अनुमानों से कम वोट लिया तो भी समीकरणों पर असर पड़ेगा?
निधि चावरिया की स्थिति भी कमोबेश ऐसी है और अन्य निर्दलीय प्रत्याशी सीमा रानी तथा इनेलो की पूनम की कहीं भी विशेष चर्चा नहीं है। हालांकि ये सभी प्रत्याशी भी उल्टफेर का दावा कर रहे हैं और अपने-अपने पक्ष में समीकरणों को प्रस्तुत कर रहे हैं।
यदि ऐसा हुआ तो क्या होगा?
माना जा रहा है कि मीना वाल्मीकि सहित अन्य सभी प्रत्याशी 4000 मतों के आसपास तक सिमट सकते हैं। जिसमें अधिकतर वोट मीना की हो सकती हैं। लेकिन यदि अन्य प्रत्याशी यदि बहुत ज्यादा पीछे आ गए। और इन प्रत्याशियों का आकड़ा 2500 मतों के आसपास तक आ गया तो जीत के लिए जादुई आंकड़ा थोड़ा बढ़ सकता है।
ऐसी स्थिति में किस-किस के बीच हो सकता है मुख्य मुकाबला
यदि जीत का जादुई आंकड़ा 3500 से पार जाता है तो मुख्य मुकाबला फिर से अमरजीत कौर और भारती पंवार के बीच ही आ खड़ा होने की संभावना है। हालांकि क्रांति के डमरू की चर्चा खूब हैं और उन्हंे अनुमानों से अधिक मत मिलते हुए भी दिख रहे हैं। उनके उल्टफेर की संभावना से कतई इंकार नहीं किया जा सकता।
खैर फिर से यही कहा जा रहा है ये केवल एक अनुमान है। दावा नहीं। बस अंदाजे है और चर्चाओं पर आधारित एक विश्लेषण है। इस माध्यम् से 24c न्यूज आपस से लगातार जुड़ा रहता है।

लगातार इस प्रकार की विश्लेषणात्मक खबरें पढ़ने के लिए अभी डाउनलोड करें, 24सी न्यूज ऐप, नीचे दिए लिंक से

Link: https://play.google.com/store/apps/details?id=com.haryana.cnews

इस खबर से संबंधित अपनी प्रतिक्रिया कॉमेंट बॉक्स में जाकर अवष्य दें। आप अपनी प्रतिक्रिया व्हाट्सऐप नम्बर 8053257789 पर भी दे सकते हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

विधायक बलराज कुंडू ने अधिकारियों को बरसाती पानी की जल्द निकासी के निर्देश दिए

प्रभावित गांवों में किया मौका-मुआयना, बिजली मंत्री से की बात महमजन सेवक मंच संयोजक एवं निर्दलीय विधायक बलराज कुंडू...

आदर्श रामलीला में हुआ श्रीराम का जन्म तो पंचायती में माता सीता भी आई

महम की रामलीलाओं में लगातार बढ़ रही है दर्शकों की संख्या महममहम की रामलीला मंचन ज्यों-ज्यों आगे बढ़ रहा...

चपड़ासी को गणित पढ़ाना पड़ता है, विज्ञान का भी अध्यापक नहीं

सीएम के पैतृक गांव निंदाना में छात्राओं ने जड़ दिया स्कूल को ताला महमहरियाणा मंे नगर निंदाना के नाम...

आरकेपी स्कूल मदीना के आदित्य ने जीता रजत पदक

आदित्य का नेशनल स्कूल खेल प्रतियोगिता के लिए भी चयन महममदीना के रामकृष्ण परमहंस वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय (आरकेपी) के...

Recent Comments

error: Content is protected !!