महम की रामलीलाओं में लगातार बढ़ रही है दर्शकों की संख्या

महम
महम की रामलीला मंचन ज्यों-ज्यों आगे बढ़ रहा है, त्यों-त्यों दर्शकों की संख्या भी बढ़ रही है। कलाकारों के साथ क्षेत्रवासी भी रामलीला मंचन का भरपूर आनंद ले रहे हैं। गांवों से भी ग्रामीण रामलीला देखने शहर आ रहे हैं। बुधवार की रात्रि को आदर्श रामलीला में श्रीराम जन्म का मंचन हुआ है। जबकि पंचायती रामलीला में सीता माता भी आ गई। कोरोना काल के बाद अब फिर से रामलीला की चहल-पहल ने शहर के चेहरे की रौनक लौटा दी है।
कुल वशिष्ठ से वरदान पाकर राजा दशरथ की रानी कौशल्या ने श्रीराम को जन्म दिया जबकि रानी सुमित्रा को लक्ष्मण हुए। रानी केकैयी ने भरत और शत्रुघ्न को जन्म दिया। उधर राजा जनक की मिथिला नगरी में अकाल पड़ा। राजा जनका स्वयं हल जोतने निकले तो जमीन में दबे मटके से माता सीता का जन्म होता है। मिथिला नगरी में बाजार सजा और यहां राक्षसों के वध के लिए वन को निकले राम व लक्ष्मण भी पहुंचते हैं। पंचायती रामलीला में अब राम-सीता विवाह होगा।
आदर्श रामलीला में मुख्यातिथि के रूप में नरेश ढाका उपस्थित रहे। दशरथ की भूमिका कैलाश गोयल, विष्णु की भूमिका ललित गोयल, अग्निदेव की विक्की गोयल, गुरु वशिष्ठ की दीप गोयल, कौशल्या की प्रदीप खुंडिया, सुमित्रा की अभिषेक, केकैयी की शिवम् पासवान ने निभाई। हास्य कलाकार के रूप में शक्कू महता अभिनय कर रहे हैं। आदर्श रामलीला में अब सीता जन्म और तड़का वध का मंचन होगा।  

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