Home जीवनमंत्र स्त्री और पुरुष का भेद मिट जाना परमज्ञान है-जीवनसूत्र-24सी

स्त्री और पुरुष का भेद मिट जाना परमज्ञान है-जीवनसूत्र-24सी

आज का जीवनसूत्र

भगवान बुद्ध के दो भिक्षु, भिक्षा के लिए गए थे। आते हुए रास्ते मे एक नदी के पुल से गुजरते हुए उन्होंने देखा कि एक महिला नदी में डूब रही थी और वो ‘बचाओ- बचाओ’ चिल्ला रही थी।

 एक भिक्षु ने उसकी तरफ देखा और बिना ध्यान दिए आगे की और बढ़ गया। जबकि दूसरे भिक्षु ने अपनी पोटली रखी और नदी में छलांग लगा दी। महिला को बचा कर किनारे ला दिया। 

फिर दोनों भिक्षु आश्रम की और चल दिए। 

जाते ही एक भिक्षु ने भगवान बुद्ध से दूसरे भिक्षु की शिकायत की। उसने कहा, भगवान इस भिक्षु ने महिला को छुआ है। भिक्षु द्वारा महिला को छूना भी मनाह है। इसलिए परम्परा अनुसार इसे आश्रम से निकला जाए। 

भगवान बुद्ध ने आरोपी भिक्षु को बुलाया और पूछा कि उसने ऐसा क्यों किया?भिक्षु ने कहा , ‘ भगवान मैने तो एक डूबते प्राणी की जान बचाई थी। मैं स्त्री और पुरुष के भेद को नहीं जानता। मुझे नहीं पता, वो स्त्री था या पुरुष। मेरे भिक्षु साथी ने देखा होगा, वो स्त्री था या पुरुष।’ 

भगवान बुद्ध ने कहा, ‘तुम बुद्ध हो गए हो। तुम्हे अब किसी ज्ञान की आवश्कता नहीं है। तुमने नियम नहीं तोड़ा, बल्कि बुद्धत्व के सिद्धांत की स्थापना की है। जाओ और दुनिया में ज्ञान का प्रकाश फैलाओ।’

बौद्ध कथा

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

निंदाना में लगे भंडारे में पहुँचे आम आदमी पार्टी के नेता

टीन शेड का हुआ उद्घाटन महम, 4 फरवरी महम के निंदाना गांव में दादा डहरी वाला मंदिर में विशाल...

रविदास जयंती पर निकाली शोभायात्रा

गांव भैणी सुरजन में हुआ आयोजन महम, 4 फरवरी गांव भैणी सुरजन में संत शिरोमणि गुरु रविदास जी महाराज...

पुत्रियों पर पिता की हत्या का आरोप, 26 जनवरी को हुई थी भैणीमातो के कर्मबीर की मौत

मृतक के भाई के बयान पर हुआ मामला दर्ज महम, 4 फरवरीगांव भैणीमातो के कर्मबीर की मौत के मामले...

स्वामी सत्यपति परिव्राजक की पुण्यतिथि पर फरमाणा होगा कार्यक्रम

आर्य सन्यासी स्वामी मुक्तिवेश रहेंगे मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित महम, 4 फरवरी स्वामी सत्यपति परिव्राजक की पुण्यतिथि...

Recent Comments

error: Content is protected !!