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महम में कहां से और कैसे आ जाते हैं बंदर? कहीं प्रदेश में कोई खास गिरोह तो काम नहीं कर रहा है? महम में इन दिनों बंदरों का जबरदस्त आंतक-24c की रिपोर्ट

लगातार बंदर काटने की हो रही हैं घटनाएं

महम
महम में इन दिनों बंदरों का फिर से आतंक हो गया है। आए दिन कोई ना कोई नई वारदात सामने आ रही है। वार्ड नौ तथा वार्ड दो में महिलाओं को बंदरों द्वारा काटे जाने के बाद एक और डरावनी घटना हुई है। फरमाणा चुंगी के पास वार्ड आठ एक 11 वर्षीय बालक पीयुष गर्ग के पीछे बंदर आ गए। बच्चे ने बचने के लिए छत से ही छलांग लगा दी। बच्चे के दोनों पैरों की हड्डिया टूट गई। बच्चे का हिसार के एक निजी अस्पताल मंे इलाज चल रहा है।
आए दिन हो रही घटनाओं से नागरिक डरे हुए हैं। छतों पर जाने से कतराते हैं। बंदर नागरिकों को घायल करने के अतिरिक्त घरों में भी नुकसान कर रहे हैं।

पीयुष गर्ग के पैरों की हड्डियां टूट गए

नगरपालिका की जिम्मेदारी है बंदरों को पकड़वाने की
नागरिकों का कहना है कि नगरपालिका की जिम्मेदारी है कि बंदरों को पकड़वाकर उचित स्थान पर छुड़वाया जाए। नागरिक बार-बार पालिका अधिकारियों और प्रधान व प्रतिनिधियों से गुहार लगा रहे हैं। लेकिन इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा।
ये कहना है पालिका प्रधान का
पालिका प्रधान भारती पंवार का कहना है कि बंदरो को नियमानुसार पकड़ने के लिए एजेंडा आगामी बैठक में पास करवाया जा रहा है। लावारिश पशुओं को भी उचित स्थानों पर छुड़वाया जाएगा। पालिका उपप्रधान बसंतलाल गिरधर का भी कहना है कि इस संबंध में एजेंडा रखा जा रहा है। इस संबंध में नागरिकों की शिकायतें लगातार मिल रही हैं।
कहीं कोई गिरोह तो काम नहीं कर रहा
महम नगरपालिका द्वारा पहले भी बंदर पकड़वाए गए थे। तात्कालीन प्रधान फतेह सिंह ने बताया कि तब एक हजार बंदर पकड़वाकर क्लेसर के जंगलों में छोड़े गए थे। उनकी बाकायदा वीडियोग्राफी करवाई गई थी। फिर से महम में बंदर आ गए।
कहीं ऐसा तो नहीं प्रदेश कोई ऐसा गिरोह भी काम रह रहा हो जो बंदरों को जंगलों में छोड़ने की बजाय किसी शहर में ही छोड़ देता हो। ताकि उन्हें फिर से बंदरों को पकड़ने का काम मिल जाए। क्योंकि ऐसे चलकर एक दो बंदर किसी गांव या शहर में नहीं आते। अगर आते भी हैं तो वे इतना जल्दी सैंकड़ों और हजारों की संख्या में नहीं हो जाते। महम ही नहीं हर नगरपालिका को यह सुनिश्चित करना होगा कि बंदरं जंगलों में ही छोड़े जाएं।
क्या है समाधान
नगरपालिका द्वारा न केवल बंदरों को पकड़वाना होगा, बल्कि महम में मॉनिटरिंग भी रखनी होगी। जिससे कोई यहां बंदर ना छोड़ पाए। शहर के हर प्रवेश द्वार पर सीसीटीवी कैमरे लगवाने होंगे साथ ही कैमरों की नियमित मॉनटरिंग व रिकार्ड भी रखना होगा। यह पालिका की जिम्मेदारी भी बनती है। इंदु दहिया/ 8053257789

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