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निंदाना में चलता था पानी का ज़हाज!बिछी थी रेलवे लाइन भी!-सन्डे स्टोरी 24c न्यूज

बीस साल पहले आ गई थी निंदाना में रोहतक-हांसी वाया महम रेल लाइन

आज़ाद सिंह के हुनर के कायल हो चुके हैं देश-प्रदेश के कई बड़े नेता
सहयोगी कृष्ण वर्मा निंदाना
24c न्यूज

महम चौबीसी के गांव निंदाना में आज से लगभग बीस साल पहले पानी की ज़हाज चलता था। यही नहीं रोहतक से हांसी वाया महम रेलवे लाइन इस गांव में बहुत पहले बिछा दी गई थी। गांव में बिजली आने से पहले ही इस गांव की गलियों में बल्ब जगमगाने लगे थे। शायद आपको यह बहुत अविश्वनीय लग रहा है, लेकिन यह सत्य है।
गांव आजाद सिंह के हुनर ने यह सब गांव में कर दिखाया था। प्रदेश के अधिकतर मुख्यमंत्री ही नहीं कांगे्रस अध्यक्ष सोनिया गांधी तक आज़ाद सिंह के इस हुनर की तारी$फ कर चुकी हैं। देश की अनेक हस्तियों को आज़ाद सिंह अपनी ये कलाकृतियां भेट कर चुके हैं।

आज़ाद सिंह का जन्म 15 अगस्त 1947 को हुआ था। इसी कारण उसका नाम आज़ाद सिंह रखा गया था। मुंह बोलती तथा खास तकनीक से कलाकृतियां बनना इनका बचपन से ही शौक है।

चला दी थी रेल
रोहतक से हांसी वाया महम रेल लाइन महम इलाके की आज़ादी के बाद की सबसे मुख्य मांग रही है। हालांकि यह लाइन मंजूर हो चुकी है। निर्माण का काम भी चल रहा है, लेकिन रेल की सीटी अभी नहीं बजी है।

आजाद ने इस मांग से प्रेरित होकर न केवल एक कृत्रिम रेल लाइन बनाई बल्कि उस पर कृत्रिम रेल भी चलाई। इस खिलौना रेल को उन्होंने रोहतक से हांसी वाया महम रेल का नाम दिया। इस लाइन पर उन्होंने स्टेशन भी बनाए थे। रेल पटरी पर खूब घूमती थी।


तालाब में चलता था तिरंगा लगा ज़हाज
आजाद सिंह ने एक कृत्रिम जहाज बनाया था। जो उसके घर के सामने ही तालाब में दिन-रात तैरता रहता था। इस ज़हाज पर उसने तिरंगा झंडा लगाया था। हवा तथा एक ना दिखने वाले धागे का कुछ ऐसे प्रयोग किया गया था कि यह ज़हाज लगातार किसी ना किसी दिशा में चलता रहता था।
बिना बिजली के लाइनों के ही आ गई थी बिजली
हरियाणा बनने के बाद ही गांव में निंदाना में बिजली आई थी। आज़ाद सिंह उससे भी पहले गांव की गलियों में बल्ब जगमगा देते थे। दरअसल आज़ाद सिंह साधरण सैलों के प्रयोग से ऐसा करते थे। उस ज़माने में ऐसा करना ही बहुत बड़ा हुनर था। दूर-दूर तक गांवों में आज़ाद के इस हुनर की चर्चा होती थी।


फौजी के खिलौने ने किया था प्रेरित
आज़ाद ने बताया कि जब वो 15 साल के थे तो गांव के एक फौजी एक जानवर का खिलौना लाए थे। यह खिलौना जानवर चलता-फिरता भी दिखता था। गांव में उस समय ये बहुत हैरान करने वाली बात थी। उसने तभी यह सोच लिया था कि वो ऐसे खिलौने व यंत्र बना सकता है और उसने ऐसा किया।
बड़े नेता भी रहे हैं हुनर के कायल
आज़ाद सिंह के हुनर के कायल बड़े-बड़े नेता रहे हैं। वर्तमान सीएम मनोहरलाल के अतिरिक्त कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी, पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा तथा पूर्व सीएम चौ. देवीलाल सहित अनेक नेताओं व प्रसिद्ध व्यक्तियों को आज़ाद सिंह अपनी कलाकृतियां भेंट कर चुके हैं तथा तारी$फ भी पा चुके हैं। रेल, ज़हाज आदि के अतिरिक्त आज़ाद सिंह डांसिंग डोल, बोतल में कृलाकृतियां तथा पशु-पक्षियों आदि की कई मुंह बोलती कलाकृतियां बना चुके हैं। फिलहाल वृद्ध होने के कारण घर पर ही आराम करते हैं। कलाकृतियां कम ही बना पाते हैं।

लगभग एक साल बाद इस स्टोरी को फिर से पोस्ट किया जा रहा है

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