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किसानों और चीनी मिलों के लिए शमसेर खरक के पास क्या हैं योजनाएं? जानिएं

समय पर हो गन्ने की पिराई, होगा मिल और किसान को फायदा

24सी की मुलाकात शमसेर खरक से
दस साल तक सहकारी चीनी मिल महम के निदेशक तथा हरियाणा शुगर फैडरेशन के निदेशक रहे भाजपा नेता शमसेर खरक को सरकार ने हरियाणा केन कन्ट्रोल बोर्ड का सदस्य मनोनीत किया है। शमसेर खरक के गन्ना उद्योग व उत्पादन के क्षेत्र में विशेष अनुभव को देखते हुए उनसे चीनी मिलों और किसानों को खास उम्मीदें हैं।
24सी के साथ मुलाकात में शमसेर ने कहा है कि वे चीनी मिलों और किसानों की उम्मीदों पर खरा उतरने की प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा है कि सरकार किसानों और कृषि के प्रति गंभीर है। किसानों की आय दोगुनी करने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वादे पर किसानों के हित में कार्य कर रही है।
समय पर हो किसान के गन्ने की पिराई
शमसेर खरक का कहना है कि किसान का गन्ना समय पर मिल में पहुंच जाना चाहिए। इससे किसान और मिल दोनों का फायदा है। अगेती फसल की दिसंबर के अंत तक, मध्यम वैरायटी फरवरी के अंत तक तथा पछेती फसल की मार्च के अंत तक पिराई हो जानी चाहिए। इस समय तक गन्ने की गुणवत्ता और रस की मात्रा भी पूरी रहती है। बाद में गन्ने का वजन कम होने से किसानों को नुकसान होता है। साथ ही समय पर खेत खाली न होने के कारण किसान आगे की फसल की बिजाई नहीं कर पाता है। ज्यादा गर्मी होने के कारण गन्ने की रिकवरी कम हो जाती है। जिससे मिल का भी नुकसान होता है। यह तभी संभव होगा जब मिलों में पिराई सत्र की शुरुआत नवंबर के शुरु में ही हो।खरक का कहना है कि किसानों का देश के श्रेष्ठ चीनी मिलों का दौरा कराया जाए तथा किसानों को उच्च गुणवत्ता की किस्मों की बिजाई के लिए प्रोत्साहित किया जाए। किसानों को गन्ना छिलाई तथा बुआई के लिए उपकरण उपलब्ध करवाएं जाएं।
पूरी क्षमता से चलें मिल
शमसेर खरक का कहना है कि वे सुझाव देंगे कि सभी चीनी मिलों में पूरी क्षमता से पिराई होनी चाहिए। किसी तकनीकी या अन्य कारण से कई बार मिल पूरी क्षमता से नहीं चल पाते हैं। मिल पूरी क्षमता से चलेंगे तो ही समय पर पिराई संभव हो पाएगी।
पिराई क्षमता के अनुसार हो बिजाई
शमसेर खरक का कहना है कि मिल के संबंधित क्षेत्र में गन्ने की उतनी ही बिजाई होनी चाहिए जितनी मिल एक सत्र में पिराई कर सके। कम या ज्यादा बिजाई दोनों ही नुकसानदायक रहती हैं। इसके लिए मिलों तथा कृषि विभाग के बीच तालमेल होना चाहिए। इस संबंध में भी वे शुगरकेन बोर्ड में अपना सुझाव रखेंगे।


कृषि मंत्री करते हैं बोर्ड की अध्यक्षता
शमसेर खरक ने बताया कि हरियाणा शुगर केन बोर्ड अत्यंत महत्वपूर्ण बोर्ड है। बोर्ड की अध्यक्षता प्रदेश के कृषि मंत्री करते हैं। राज्य के केन कमीशनर इस बोर्ड के सदस्य सचिव होते हैं। इसके अतिरिक्त अति वरिष्ठ अधिकारियों से सुसज्जित इस बोर्ड में सात मनोनीत सदस्य होते हैं। इस बोर्ड का कार्य प्रदेश में चीनी मिल लगाने की संभावना तलाशना, चीनी मिलों के लिए गन्ने का क्षेत्र निर्धारण करना, गन्ना उत्पादन व विकास के लिए नई योजनाओं तथा गन्नें की गुणवत्ता व किस्मों से संबंधित सुझाव देना है। इसके अतिरिक्त कृषि विभाग से तालमेल करके अन्य योजनाओं पर भी यह बोर्ड कार्य करता है।

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