Home ब्रेकिंग न्यूज़ महम के भूगोल को समझने में भूल कर रहे हैं महमवासी-24c संडे...

महम के भूगोल को समझने में भूल कर रहे हैं महमवासी-24c संडे स्पेशल

अच्छी बारिश हुई तो क्या होगा बाहरी बस्तियों का?

* ना समझी से बसाई जा रही हैं बस्तियां
*खत्म कर दिए सभी तालाब
*इन्हीं तालाबों में जमा होता था बारिश का पानी
महम

आधुनिकता की होड़ में मानव जल, जंगल और जमीन को सबसे अधिक निशाना बना रहा हैं। जल, जंगल और जमीन से खिलवाड़ करने के परिणाम क्या हो सकते हैं? इसका अंदाजा शायद आधुनिक मानव नहीं लगा रहा हैं।
ऐतिहासिक शहर महम अपने लिए एक ऐसा खतरा तैयार कर रहा है, जिससे वो आज बेखबर है। लेकिन कभी ज्यादा बारिश हुई तो यह बारिश महम के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकती है। और ये खतरा ना केवल हमने उठा लिया है बल्कि इस खतरे को लगातार और अधिक भयानक करते जा रहे हैं। शहर के भूगोल को समझे बिना ही बिना योजना के बस्तियां बसाई जा रही हैं। ऐतिहासिक तालाबों को नष्ट कर दिया गया है। 24सी न्यूज की आज की संडे स्टोरी इसी खतरे की पड़ताल कर रही है।
ये है महम का भूगोल
महम शहर एक ऐसा भू भाग है जो दूर से आने वालों को पहाड़ी की भांति दिखता है। वर्तमान बडे़ गुरुद्वारे का भाग सबसे ऊंचा है। उसके बाद चारों ओर ढ़लान हैं। यही कारण था कस्बे के चारों और तालाब बन गए या बना दिए गए ताकि कस्बे का पानी इन तालाबों में संरक्षित किया जा सके।

केवल घाट बचे हैं मुरंड जोहड़ के


ये थे ऐतिहासिक तालाब
शिव राज गोयत ने बताया कि महम के चारों ओर तालाब थे। पूर्व में जहां कसाइयांे वाला तथा घेऊ तालाब था, वहीं उत्तर पूर्व में ब्राह्मणों वाला तथा जोधा वाला तालाब था। सैनियों वाला तालाब तो अब भी है। उत्तर में बाखा तथा दरबारी तालाब था। वहीं पश्चिम ऐतिहासिक मुरंड था। जबकि दक्षिण पश्चिम में जलभरत तथा पूर्व दक्षिण में खोजा वाला ऐतिहासिक तालाब था। इसके अतिरिक्त और भी तालाब थे।
अब ये है स्थिति
फिलहाल घेऊ वाला, बाखा, जोधावाला, ब्राह्मणों वाला, मुंरड, कसाइयों वाला तथा खोजा वाला तो पूर्णतया अपना अस्तित्व खो चुके हैं। घेऊ वाले तालाब के स्थान पर माॅडल स्कूल बन गया है। मुरंड को झील बनाने की योजना के तहत समाप्त कर दिया गया था। जोधावाला लगभग 50 वर्ष ही समाप्त कर दिया गया था। ब्राह्मणों वाले तालाब के स्थान पर श्रीकृष्ण गौशाला बन चुकी है। कसाइयों वाला तालाब भी पाट दिया गया है। चारों और अवैध कब्जे हो चुके हैं। दरबारी तालाब में गंदा पानी जमा है। जलभरत में भी गंदा पानी जमा है और नष्ट होने की कगार पर है।

मंशा देवी मंदिर के पास था घेऊ वाला तालाब (फाइल फोटो)


इन तालाबों के आसपास बस चुकी हैं बस्तियां
हर तालाब के आसपास बस्तियां बस चुकी हैं। जहां बस्तियां बसी हैं, वहां या तो तालाब थे या फिर तालाबों का पानी आने का रास्ता था। किसी भी बस्ती से पानी की निकासी की भी अच्छी व्यवस्था नहीं है।
ये है खतरा
अगर कभी ज्यादा बारिश हुई तो शहर की भीतरी बस्तियों को तो कोई खतरा नहीं है, क्योकि ये बहुत ऊंचे पर हैं, लेकिन बाहरी बस्तियों में जलभराव तय है। अब भी जब तेज बारिश होती है तो इन बस्तियों में पानी भरने की समस्या होती है। सीवरेज व्यवस्था भी कामयाब ना होने का एक कारण ये भी है कि सीवरेज लाइनों के बिछाने के तल में बहुत अधिक अंतर है।

अपना अस्तित्व खो रहा है जलभरत तालाब


एक विशेष योजना बनाने की जरूरत
मुंगीपा फर्नीचर हाऊस के हरिराम जांगड़ा का कहना है कि इस दिशा में समय रहते ध्यान देना होगा। शहर की बाहरी बस्तियों से आने वाली पानी की उचित स्थान पर निकासी की व्यवस्था करनी होगी या फिर इसके स्टोरेज के लिए नए सिरे से व्यवस्था स्थापित करनी होगी। हालांकि शिवराज गोयत का कहना है कि वक्त की मांग तो यहीं है कि हमें ऐतिहासिक तालाबों का को फिर से पहले की स्थिति में लाना होगा। अन्यथा देर हो जाएगी।

अगर आप इसी प्रकार की ऐतिहासिक और विशेष स्टोरी पढ़ना चाहते हैं तो डाऊनलोड करें 24सी न्यूज नीचे दिए लिंक से  https://play.google.com/store/apps/details?id=com.haryana.cnews.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

निंदाना में लगे भंडारे में पहुँचे आम आदमी पार्टी के नेता

टीन शेड का हुआ उद्घाटन महम, 4 फरवरी महम के निंदाना गांव में दादा डहरी वाला मंदिर में विशाल...

रविदास जयंती पर निकाली शोभायात्रा

गांव भैणी सुरजन में हुआ आयोजन महम, 4 फरवरी गांव भैणी सुरजन में संत शिरोमणि गुरु रविदास जी महाराज...

पुत्रियों पर पिता की हत्या का आरोप, 26 जनवरी को हुई थी भैणीमातो के कर्मबीर की मौत

मृतक के भाई के बयान पर हुआ मामला दर्ज महम, 4 फरवरीगांव भैणीमातो के कर्मबीर की मौत के मामले...

स्वामी सत्यपति परिव्राजक की पुण्यतिथि पर फरमाणा होगा कार्यक्रम

आर्य सन्यासी स्वामी मुक्तिवेश रहेंगे मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित महम, 4 फरवरी स्वामी सत्यपति परिव्राजक की पुण्यतिथि...

Recent Comments

error: Content is protected !!