Home ब्रेकिंग न्यूज़ महान मूल्यों के ध्वजवाहक प्रो. महासिहं नहरा नहीं रहे-24c न्यूज की विशेष...

महान मूल्यों के ध्वजवाहक प्रो. महासिहं नहरा नहीं रहे-24c न्यूज की विशेष रिपोर्ट

उच्च राजनैतिक आदर्शो के लिए हमेशा याद किया जाएगा

सादगी और सरलता में बीता दिया पूरा जीवन

महम
इतिहास समय की सार्थकता को दिनों और सालों में नहीं, बल्कि उच्च आदर्शों की स्थापना में स्थापित करता है। कुछ व्यक्ति ऐसे जीवन जी जाते हैं कि उनका रहना भी सार्थक था और और जाना भी मार्ग दर्शन बन जाता है। महम चौबीसी की नई पीढ़ी शायद कम ही परिचित हो, लेकिन आज चौबीसी ने एक ऐसे व्यक्तित्व को खोया जो राजनीति के उच्च आदर्शों के ध्वजवाहक थे।
पूर्व शिक्षा राज्यमंत्री तथा हरियाणा बनने के बाद महम चौबीसी के पहले पंचायती विधायक ’प्रो. महासिंह नहरा’ नहीं रहे। लगभग 93 वर्षीय निंदाना निवासी महासिंह नहरा का रोहतक में निधन हो गया। उनकी फेसबुक वाॅल पर 24सी न्यूज को 23 अक्टूबर 2019 की एक पोस्ट मिली। यह पोस्ट अपने आप उनके जीवन की ऊंचाइयों को स्थापित करती है। वे कहते है,
’कल चुनाव परिणाम घोषित होंगे। …. कोई भी जीते या हारे, निर्णय का सम्मान करते हुए कोई भी ऐसी टिप्पणी या पोस्ट ना करें, जिससे किसी की भावनाएं आहत हों। चुनाव होते रहते हैं, सरकारें आती-जाती रहती हैं, पर हम सबकेा मिलजुल कर प्यार से सौहार्दपूर्ण वातावरण में रहना है।’
महम के पहले विधायक थे महासिंह
हरियाणा गठन के बाद 1967 में हुए हरियाणा के आम चुनावों में प्रो. महासिंह नहरा को महम चौबीसी पंचायत का उम्मीद्वार बनाया गया था। उस समय चुनावों में चौबीसी अपने उम्मीद्वार उतारती थी। महासिंह के मुुख्य मुकाबले में महम शहर के बदरी प्रसाद काला थे। इस चुनाव में महासिंह बद्रीप्रसाद काला के मुकाबले 5514 मतों से विजयी घोषित हुए थे।

अपने मत्रीत्व काल में एक स्कूल में कार्यक्रम में प्रो. महासिंह (फाइल फोटो)


लगभग 7 महीनें रहे शिक्षा राज्यमंत्री
इस योजना में राव बिरेंद्र सिंह ने कांग्रेस उम्मीद्वार के रूप में पटौदी से चुनाव जीते थे। उस समय की 81 विधानसभा सीटों में 48 पर कांग्रेस विजयी रही थी। राव बिरेंद्र सिंह ने बगावत करके विशाल हरियाणा पार्टी बना ली। कुछ कांग्रेस के विधायक तथा निर्दलीयों के समर्थन से सरकार बना ली। इसी सरकार में प्रो. महासिंह राज्य शिक्षामंत्री बने। यह सरकार केवल लगभग सात महीने चली। उसके बाद हरियाणा में राष्ट्रपति शासन लगा दिया गया था। 1968 में हरियाणा में फिर चुनाव हुए तो प्रो. महासिंह कांग्रेस के राजंिसंह दलाल से हार गए थे।
अत्यंत सरल और उच्च आदर्शो का व्यक्तित्व के धनी थे
प्रो. महासिंह जीवनपर्यन्त अत्यंत उच्च आदर्शों, सरल स्वभाव व महान व्यक्ति के रूप में जाने जाते रहे। उनसे राजनैतिक मतभेद रखने वाले व्यक्ति भी उनका सम्मान करते थे। वे हमेशा बस में सफर करते थे। कुछ समय पहले तक गांव निंदाना में ही रहते थे। कुछ समय से रोहतक रहने लगे थे। अपनी जरूरतें बहुत कम रखते थे। उनकी पत्नी भगवानी देवी पूर्व मंत्री रहे खिडवाली के श्रीकृष्ण हुड्डा की बहन थी। उनके दो बेटे तथा चार बेटियों मंे एक बेटी और एक बेटे का निधन हो चुका है। उनके पौत्र विशाल नहरा ने बताया कि उनके दादा हमेशा कहते थे कि बड़ों को सम्मान और छोटों को हमेशा आदर दो। उनके दादा को कभी गुस्सा होते नहीं देखा गया।

एक कार्यक्रम में अपने विचार रखते प्रो. महासिंह (फाइल फोटो)


इन कामों के लिए याद किया जाएगा
विशाल नहरा ने बताया कि प्रो. महासिंह ने अपने मंत्रीत्व कार्यकाल में गांव निंदाना के स्कूल को आठवीं से 12वीं कक्षा का करवाया। स्कूल के मैदान को बढ़वाया। मोखरा, सैमाण, खेड़ी तथा सीसर आदि के लिए सड़कें बनी।
किसने उखाड. दी थी महासिंह की कार की झंडी?
प्रो. महासिंह नहरा ने स्वयं बताया था कि मंत्री बनने के बाद महम आए थे। महम में उस समय एक व्यक्ति होता था उसे दाना रेहड़ी वाला कहा जाता था। वह हमेशा नीचा कच्छा पहनता था। उसकी कार पर झंडी लगी थी। झंडी राष्ट्रीय ध्वज के तिरंगे की थी। कांग्रेस के झंडा भी तीन रंग का ही था। दाना ने उनकी कार से झंडी का उखाड़ दिया। कहा कि उन्होंने उसे कांग्रेस के खिलाफ जिताया था अब वह कांग्रेस में ही शामिल हो गया। वे बताते हैं कि गुस्सा होने की बजाय वे स्वयं उनके पास गए और उन्हें बताया कि यह मंत्री पद की झंडी है, ना कि कांग्रेस की। वे कांग्रेस में शामिल नहीं हुए हैं। तब दाना का गुस्सा शांत हुआ था। (जैसा कि प्रो. महाििसंह नहरा ने एक समय इस इलाके में पत्रकारा रहे बिजेंद्र विजय दहिया को एक साक्षात्कार के दौरान बताया था।)
निष्पक्ष व पंचायती व्यक्ति थे महासिंह
महासिंह के विरुद्ध चुनाव लड़ने वाले बदरीप्रसाद काला के पुत्र जगत सिंह काला ने कहा कि प्रो. महासिंह नहरा हमेशा पंचायती बात करते थे। सच्चे व सपष्ट थे। कई पंचायतों में उन्होंने अपने सत्यता से फैसलों को मुकाम तक पहुंचाया था। काला ने कहा कि आपस में चुनाव लड़ने के बावजूद उनके तथा उनके पिता जी के बहुत अच्छे संबंध थे।

महम की सभी आज की खबरें आज ही पढ़े
साथ ही जानें प्रतिदिन सामान्य ज्ञान के पांच नए प्रश्न तथा जीवनमंत्र की अतिसुंदर कहानी
डाउनलोड करें, 24सी न्यूज ऐप, नीचे दिए लिंक से

Link: https://play.google.com/store/apps/details?id=com.haryana.cnews

1 COMMENT

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

पार्षद का छलका दर्द! नगरपालिका की व्यवस्था पर उठाए सवाल

वार्ड आठ के पार्षद विनोद कुमार ने पालिका सचिव को लिखा पत्र महममहम नगरपालिका में विवाद थमने का नाम...

आरकेपी मदीना में रामायण आधारित गतिविधियों का आयोजन हुआ

नर्सरी से 12वीं कक्षा तक के विद्यार्थियों ने किया प्रतिभा प्रदर्शन महमरामकृष्ण परमहंस वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, मदीना में साप्ताहिक...

सफलता के लिए विषय का गहन अध्ययन जरूरी-डॉ राजेश मोहन

आर्य सीनियर सेकेंडरी स्कूल मदीना में विद्यार्थियों को सम्बोधित किया महममहम चौबीसी के भराण निवासी आईपीएस अधिकारी डॉ राजेश...

सरकार का काम गरीबों के मकान बनवाना होता है तुड़वाना नहीं – बलराज कुंडू

सिंहपुरा में ग्रामीणों से मिले विधायक कुंडू महमविधायक बलराज कुंडू आज गांव सिंहपुरा कलां पहुंचे और दलित बस्ती में...

Recent Comments

error: Content is protected !!