Home जीवनमंत्र दो टके की पगड़ी बिकी छह टके में- आज का जीवनमंत्र 24c

दो टके की पगड़ी बिकी छह टके में- आज का जीवनमंत्र 24c

संत कबीर जी पगड़ी

कहा जाता है कि एक बार संत कबीर जी ने बड़ी ही कुशलता से एक पगड़ी बनाई। झीना-झीना कपड़ा बुना और उसे गोलाई में लपेटा। फिर वह पगड़ी लेकर संत कबीर जी दुनिया की हाट (बाजार) में जा बैठे। ऊंची-ऊंची पुकार उठाई- शानदार पगड़ी! जानदार पगड़ी! दो टके की भाई! दो टके की भाई।

एक खरीददार निकट आया। उसने घुमा-घुमाकर पगड़ी का निरीक्षण किया और फिर संत कबीर जी से प्रश्न किया- क्यों महाशय! एक टके में दोगे क्या?

संत कबीर जी ने अस्वीकार कर दिया- ना भाई! दो टके की है और दो टके में ही सौदा होना चाहिए।

वो खरीददार भी नट (अड़) गया और पगड़ी छोड़कर आगे बढ़ गया। ऐसी ही प्रतिक्रिया हर खरीददार की रही। सुबह से शाम हो गई। संत कबीर जी अपनी पगड़ी बगल में दबाकर खाली जेब वापिस लौट आए। तभी एक पड़ोसी से भेंट हो गई। उसकी दृष्टि पगड़ी पर पड़ गई। पड़ोसी ने जिज्ञासा की- क्या हुआ संत जी, इसकी बिक्री नहीं हुई? और फिर कबीर जी ने दिन भर का क्रम कह सुनाया। पड़ोसी ने संत कबीर जी से पगड़ी ले ली और बोला- आप इसे बेचने की सेवा मुझे दे दीजिए। मैं कल प्रातः ही बाजार चला जाऊंगा।

अगली सुबह कबीर जी के पड़ोसी ने ऊंची-ऊंची बोली लगाई- शानदार पगड़ी! जानदार पगड़ी! आठ टके की भाई! आठ टके की भाई।

पहला खरीददार निकट आया और बोला- बड़ी महंगी पगड़ी है। दिखाना जरा।

पड़ोसी ने कहा पगड़ी भी तो शानदार है, और ऐसी और कहीं भी नहीं मिलेगी।

खरीददार ने कहा कि ठीक दाम लगा लो।पड़ोसी ने कहा कि चलो, आपके लिए सात टका लगा देते हैं।खरीददार ने कहा ये लो छः टका और पगड़ी दे दो।

एक घंटे के भीतर-भीतर पड़ोसी पगड़ी बेचकर वापस लौट आया और संत कबीर जी के चरणों में छः टके अर्पित किए।

तभी तो कहा गया,

”सत्य गया पाताल में, झूठ रहा जग छाए।दो टके की पगड़ी, छः टके में जाए।।”

यही इस जगत का व्यावहारिक सत्य है। सत्य के पारखी इस जगत में बहुत कम होते हैं। 

आपका दिन शुभ हो!!!!

ऐसे हर सुबह एक जीवनमंत्र पढने के लिए Download 24C News app : https://play.google.com/store/apps/details?id=com.haryana.cnews

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

पुलिस-पब्लिक सम्मेलन में खुल कर बोले हलकावासी, पुलिस पर लगाए आरोप

आईजी ने कहा हर शिकायत का होगा निपटान महममहम में पुलिस-पब्लिक सम्मलेन में हलकावासी खुलकर बोले। पुलिस की भी...

सोने जैसा हिरण देख माता जानकी खा गई धोखा, हो गया हरण

रामलीलाओं में सीताहरण और राम-सबरी मिलन की लीला का हुआ मंचन महममहम में रामलीलाओं के मंचन का दर्शक भरपूर...

दिल्ली से आएं हैं महम में जलने के लिए रावण, कुंभकर्ण व मेघनाथ

पंजाबी रामा क्लब ने कर ली पुतला दहन की पूरी तैयारी महमहर वर्ष की भांति इस वर्ष भी महम...

अग्रसेन स्कूल के विद्यार्थियों ने दिया बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश

स्कूल में दशहरा पर्व पर किया गया रावण दहन महममहम के महाराजा अग्रसेन स्कूल में दशहरा पर्व के उपलक्ष्य...

Recent Comments

error: Content is protected !!